भोपाल गैस हादसा: कैंसर, गुर्दा पीड़ितों के मुआवजे में देरी की आशंकाभोपाल, 17 दिसम्बर 2010 । भोपाल गैस हादसे के चलते कैंसर व गुर्दे का मरीज बने पीड़ितों को मध्य प्रदेश सरकार की मांग पर मुआवजा मिलना है, मगर इन पीड़ितों की सूची अब तक भोपाल गैस पीड़ित कल्याण आयुक्त के कार्यालय नहीं पहुंची है। इसी के चलते इन दोनों रोगों से ग्रस्त मरीजों को मुआवजा मिलने में देरी हो सकती है।
गैस पीड़ितों की समस्याओं के निदान के लिए बने मंत्री समूह की जून 2010 में हुई बैठक में लगभग 45 हजार प्रभावितों को मुआवजा देने का निर्णय लेते हुए 740 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी।
प्रदेश सरकार के अनुरोध पर मंत्री समूह ने लगभग 2000 कैंसर पीड़ितों और 1000 गुर्दा पीड़ितों को भी मुआवजा देने पर सहमति जताई थी। इसके लिए पीड़ितों को 15 दिसम्बर से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और 19 दिसम्बर से मुआवजा दिया जाना है।
भोपाल गैस पीड़ित कल्याण आयुक्त कार्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार भारत भूषण श्रीवास्तव ने एक सवाल के जवाब में बताया कि कैंसर और गुर्दा पीड़ितों को दो-दो लाख रुपये दिए जाने हैं लेकिन इससे पहले यह सूची प्रदेश सरकार को देनी है।
अभी तक उनके पास 419 गुर्दा पीड़ितों के आवेदन आए हैं, वहीं कैंसर पीड़ितों के आवेदनों में कुछ खामियां पाए जाने पर उन्हें वापस भेज दिया गया है। आवेदनों में से कुछ में तो आठ साल के बच्चे को भी कैंसर पीड़ित दर्शाया गया था जो कि बहुत बड़ी खामी थी।
उन्होंने आगे बताया है कि दोनों बीमारियों से पीड़ित लोगों के आवेदन तय संख्या तक जमा होने पर मुआवजा वितरित किया जाएगा। सूची में तय संख्या से ज्यादा नाम होने पर राज्य सरकार को केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेना हेगा। वहीं मुआवजा देने से पहले मरीज के चिकित्सकीय दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके पास इन दो बीमारियों के मरीजों की अंतिम सूची नहीं आई है, लिहाजा इन्हें मुआवजा मिलने में विलम्ब हो सकता है।
दूसरी ओर प्रदेश के गैस राहत विभाग के उप सचिव के. के. दुबे देरी की इस वजह को मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि लगभग 2100 कैंसर पीड़ितों की सूची तैयार हो चुकी है और कल्याण आयुक्त को भेज दी गई है। इसी तरह गुर्दा पीड़ितों की सूची भी भेजी जा रही है।
Saturday, December 18, 2010
दिग्विजय सिंह की सीख पर न जाए राहुल: उमा भारती
दिग्विजय सिंह की सीख पर न जाए राहुल: उमा भारतीलखनऊ, 18 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व नेता एवं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शनिवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह से देश को बांटने वाली राजनीति का पाठ सीख रहे हैं।
उमा ने लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राहुल, दिग्विजय सिंह को अपना गुरु मानते हैं और उनके लिखे नोट्स पढ़ते हैं। मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) पर हमले करने का पाठ राहुल को दिग्विजय सिंह ने ही सिखाया है।
उमा ने कहा कि दिग्विजय सिंह की सीख पर न जाए राहुल..वह गुरु बनने लायक नहीं हैं।
हिंदू संगठनों के अभ्युदय को ज्यादा खतरनाक बताने सम्बंधी बयान पर उमा ने कहा कि राहुल को अपने बयानों में थोड़ी परिपक्वता लानी चाहिए।
विकिलीक्स द्वारा लीक किए गए एक संदेश के अनुसार राहुल ने कथित रूप से अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर से कहा था कि यद्यपि आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा को भारतीय मुस्लिम समुदाय के कुछ खास तत्वों का समर्थन होने के प्रमाण हैं, लेकिन चरमपंथी हिंदू संगठनों का अभ्युदय ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ये हिंदू संगठन धार्मिक तनाव और मुस्लिम समुदाय के साथ राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा करते हैं।
उमा, रामलला (अयोध्या) का दर्शन करने के सिलसिले में लखनऊ पहुंची हैं। हालांकि उनके एक करीबी ने कहा कि वह अयोध्या जाने का कार्यक्रम स्थगित कर सकती हैं।
उमा ने लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राहुल, दिग्विजय सिंह को अपना गुरु मानते हैं और उनके लिखे नोट्स पढ़ते हैं। मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) पर हमले करने का पाठ राहुल को दिग्विजय सिंह ने ही सिखाया है।
उमा ने कहा कि दिग्विजय सिंह की सीख पर न जाए राहुल..वह गुरु बनने लायक नहीं हैं।
हिंदू संगठनों के अभ्युदय को ज्यादा खतरनाक बताने सम्बंधी बयान पर उमा ने कहा कि राहुल को अपने बयानों में थोड़ी परिपक्वता लानी चाहिए।
विकिलीक्स द्वारा लीक किए गए एक संदेश के अनुसार राहुल ने कथित रूप से अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर से कहा था कि यद्यपि आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा को भारतीय मुस्लिम समुदाय के कुछ खास तत्वों का समर्थन होने के प्रमाण हैं, लेकिन चरमपंथी हिंदू संगठनों का अभ्युदय ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ये हिंदू संगठन धार्मिक तनाव और मुस्लिम समुदाय के साथ राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा करते हैं।
उमा, रामलला (अयोध्या) का दर्शन करने के सिलसिले में लखनऊ पहुंची हैं। हालांकि उनके एक करीबी ने कहा कि वह अयोध्या जाने का कार्यक्रम स्थगित कर सकती हैं।
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